भटियात के बकलोह (ककीरा) में गोरखा समुदाय ने बड़ी धूमधाम से मनाया राखी का पावन त्योहार

भटियात/चुवाडी , 09 अगस्त बबलू पठानिया
जिला चंबा के भटियात क्षेत्र के बकलोह में गोरखा समुदाय ने हिंदू धर्म की आस्था और परंपरा के अनुरूप राखी का त्योहार बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक यह पर्व यहां विशेष महत्व रखता है।
गोरखा समुदाय की मान्यता है कि चाहे भाई देश के किसी भी कोने में हों या विदेश में, वे इस दिन अपनी बहनों के पास आकर राखी अवश्य बंधवाते हैं। सुबह-सुबह महिलाएं स्नान कर अपने घर की कुलदेवी और देवी-देवताओं को राखी स्वरूप मोली अर्पित करती हैं और अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगती हैं। इसके बाद बहनें भाइयों को घर बुलाकर उनकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधती हैं और मंगलकामनाएं करती हैं।

त्योहार के अवसर पर बहनें अपने हाथों से तरह-तरह के पारंपरिक मिष्ठान और व्यंजन बनाती हैं। इनमें बटुक सेल रोटी, आलू की चटनी, गुजिया, खजूर मालपुआ, खीर सहित कई खास पकवान शामिल होते हैं। भाई प्रेमपूर्वक इन व्यंजनों का स्वाद लेते हैं और इस दिन का आनंद उठाते हैं।

राखी बंधवाने के बदले में भाई भी अपनी बहनों को महंगे उपहार और नकद राशि देते हैं, जो प्रेम और स्नेह का प्रतीक होता है। पूरे दिन खुशियों का माहौल बना रहता है, और शाम होते-होते भाई अपनी बहनों से विदा लेकर अपने-अपने घरों की ओर लौट जाते हैं।

स्थानीय निवासी मीना गुरंग ने बताया, “रक्षाबंधन हमारे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को निभाने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का वादा है।