चंबा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की प्रेस वार्ता, अफवाहों का खंडन व श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकासी की जानकारी


चंबा, 5 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज परिधि गृह चंबा में पत्रकार वार्ता की। इस अवसर पर चंबा विधायक नीरज नैय्यर तथा राज्य पथ परिवहन निगम के सदस्य निदेशक मंडल सुरजीत भरमौरी भी उपस्थित रहे।नेगी ने सबसे पहले मणिमहेश यात्रा के दौरान कठिन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान करने वाले लंगर समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों व सामाजिक संगठनों का आभार जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के चलते संचार सेवाएं बाधित हुई थीं, लेकिन कुछ लोगों ने गलत तरीके से यह अफवाह फैलाई कि प्रदेश सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद की हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट अथवा अन्य संचार सेवाएं बंद करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को है।नेगी ने जानकारी दी कि यात्रा अवधि में अब तक लगभग 17 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है। कुगती पंचायत क्षेत्र में चार श्रद्धालुओं के शव निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की 60 सदस्यीय टीम तैनात की गई थी। खराब मौसम के कारण कल शाम तक केवल दो शव निकाले जा सके, जबकि बाकी दो शवों को आज शाम तक भरमौर पहुंचाने की संभावना है।उन्होंने कहा कि 29 अगस्त से अब तक राज्य पथ परिवहन निगम की 165 बसों के माध्यम से 7,000 से अधिक श्रद्धालुओं को चंबा से सुरक्षित पठानकोट, भद्रवाह और कांगड़ा तक पहुंचाया गया। वहीं छोटे हेलीकॉप्टर के जरिए 120 वृद्ध, बीमार व घायल श्रद्धालुओं को भरमौर से चंबा लाया गया।नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

उनके निर्देशानुसार सड़क, पेयजल योजनाओं और बिजली की बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि आज मौसम साफ रहने के कारण भारतीय सेना के दो चिनूक हेलीकॉप्टरों से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित चंबा पहुंचाया जा रहा है, आवश्यकता पड़ने पर अभियान कल भी जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि चंबा-भरमौर एनएच-154ए की बहाली अगले दो दिनों में संभव है। आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में मणिमहेश यात्रा को सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी।नेगी ने यह भी बताया कि आपदा प्रभावित लोगों को बसाने हेतु भूमि उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर एफसीए संशोधन हेतु मामला केंद्र सरकार को भेजा है।