स्कूल प्रिंसिपलों की अध्यक्षता में बनेंगी पंचायत स्तरीय नशा निवारण समितियां, प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी की

शिमला 21 नवंबर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के बढ़ते प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों के गठन का फैसला लिया है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकार का मानना है कि नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत निगरानी और सामुदायिक सहयोग आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर पंचायत में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता स्थानीय सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडमास्टर करेंगे।अधिसूचना के अनुसार समिति में पंचायत सचिव या सहायक, पटवारी, स्थानीय आशा वर्कर, महिला मंडल या युवा प्रतिनिधि, एक वरिष्ठ नागरिक या सामाजिक कार्यकर्ता और संबंधित क्षेत्र के पुलिस हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल को सदस्य बनाया जाएगा। समिति में पुलिस प्रतिनिधि की नियुक्ति संबंधित थाना प्रभारी (SHO) द्वारा की जाएगी, ताकि निगरानी और कार्रवाई से जुड़े कार्यों में समन्वय बना रहे।सरकार ने सभी उपायुक्तों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पंचायत स्तर पर इन समितियों का गठन समय पर पूरा किया जाए। साथ ही समितियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इन समितियों का मुख्य कार्य गांवों में नशे की स्थिति की समीक्षा करना, नशे के प्रति जागरूकता फैलाना और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को समय पर देना होगा।निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हर माह समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी, जिसमें पंचायत क्षेत्र में नशे से संबंधित परिस्थितियों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से नशे के खिलाफ सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी और गांव स्तर पर रोकथाम के प्रयास अधिक प्रभावी होंगे।