अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 का पारंपरिक विधि से समापन, रावी में मिंजर विसर्जन

चंबा, 3अगस्त मुकेश कुमार( गोल्डी)
चंबा जिले की ऐतिहासिक और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 रविवार को पारंपरिक उल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया। मेले का समापन मंजरी गार्डन में मिंजर (रेशमी फूलों की झालर) और नारियल को रावी नदी में विसर्जित कर किया गया। इस पारंपरिक अनुष्ठान का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष की अगुवाई में अखंड चंडी महल परिसर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में विधायक नीरज नैयर, डॉ. हंसराज, पूर्व विधायक पवन नैयर, डीएस ठाकुर, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय देवी-देवताओं की पालकियां, सांस्कृतिक दल, पुलिस व होमगार्ड की टुकड़ियां, एनसीसी कैडेट और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल हुए। यह शोभायात्रा शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए मंजरी गार्डन तक पहुंची, जहां परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर मिंजर और नारियल को रावी में विसर्जित किया गया।

इस मौके पर पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार गायन से माहौल भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग गया। चंबा के कलाकारों ने लोकगीतों और वाद्ययंत्रों के साथ पारंपरिक लोक संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, विधानसभा अध्यक्ष ने चौगान में आयोजित मिंजर मेले के खेलकूद कार्यक्रमों का अवलोकन किया और दंगल प्रतियोगिता में रोचक कुश्ती मुकाबलों का आनंद लिया। यह प्रतियोगिता भी मेले की परंपरा का अहम हिस्सा मानी जाती है।

समापन कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला कृषि उपज एवं विपणन समिति ललित ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैयर, राज्य पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल सदस्य सुरजीत भरमौरी, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल सहित कई गणमान्य लोग और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का यह पारंपरिक समापन समारोह न केवल चंबा की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए भी एक अद्भुत अनुभव बन जाता है, जो हिमाचली लोकजीवन से रूबरू होने का अवसर देता है।