मणिमहेश आपदा प्रबंधन के दौरान वकीलों के दुर्व्यवहार की निंदा, एफआईआर दर्ज करने की उठी मांग

चंबा, 02 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला ग्राम रोजगार सेवक संघ ने जिला बार एसोसिएशन के कुछ अधिवक्ताओं द्वारा उपायुक्त चंबा के साथ किए गए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। संघ ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए सरकार से दोषी वकीलों के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत FIR दर्ज करने तथा कठोर कार्रवाई की मांग की है।संघ के पदाधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि मणिमहेश यात्रा 2025 के दौरान भारी वर्षा के कारण जिला प्रशासन को यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस विकट परिस्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय जनता व समाजसेवी संस्थाओं ने दिन-रात जुटकर राहत और बचाव कार्यों को अंजाम दिया। इसी बीच, 28 अगस्त 2025 को जब उपायुक्त चंबा आपदा नियंत्रण कक्ष में यात्रियों की सुरक्षा संबंधी कार्यों में व्यस्त थे, उस समय कुछ वकील उनसे मिलने पहुंचे।

संघ के अनुसार, वार्तालाप के दौरान वकीलों ने उपायुक्त के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, तथ्यहीन और भ्रामक बयानबाजी की तथा झूठी अफवाहें फैला कर यात्रियों और उनके परिजनों में डर का माहौल बनाया। यही नहीं, उन्होंने चंबा मुख्यालय में नारेबाजी कर लगभग चार से पांच घंटे तक चक्का जाम किया और मृतकों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। इस दौरान श्रद्धालुओं और उनके परिजनों की गाड़ियों को भी रोककर परेशान किया गया।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि वकीलों ने लोगों को यह कहकर गुमराह किया कि मोबाइल नेटवर्क और फोन सेवाएं उपायुक्त द्वारा बंद करवाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के चंबा प्रवास के दौरान वकीलों ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की गाड़ी रोककर चालक व सुरक्षा कर्मियों से बदतमीजी की और गाड़ी की चाबी तक छीन ली।जिला प्रशासन द्वारा आपदा की घड़ी में यात्रियों को भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता, हवाई उड़ानों और सड़कों को खुलवाकर यातायात सुविधा उपलब्ध करवाई गई।

प्रशासन की इन सेवाओं की व्यापक सराहना भी हुई। स्वयं उपायुक्त चंबा ने अपने अधिकारियों के साथ भारी वर्षा के बीच पैदल भरमौर पहुँचकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की।संघ अध्यक्ष बालकराम ठाकुर, उपाध्यक्ष योधराज, जोगिंदर अनिल हैप्पी, महासचिव अनूप कुमार और विजय कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रशासन पर झूठे आरोप लगाने और अफवाहें फैलाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संघ ने स्पष्ट किया कि इस आपदा की घड़ी में वह जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर है।
