भटियात में किसानों को भारी नुकसान, बागबानो की अमरूद की फसल पूरी तरह तबाह

भटीयात/चुवाडी़ 03 सितंबर बबलू पठानिया
भटियात उपमंडल के ग्राम पंचायत तारागढ़ के मेहनती बागवान करण सिंह पुत्र सीताराम की मेहनत पर इस बार भारी बारिश ने पानी फेर दिया। करण सिंह ने बड़े जतन और परिश्रम से अमरूद का बगीचा तैयार किया था, लेकिन लगातार हो रही बारिश और सड़कों के टूटने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई।
जानकारी के अनुसार, करण सिंह द्वारा तैयार किया गया अमरूद उच्च गुणवत्ता का था जिसकी बाजार में कीमत 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक थी। अनुमान लगाया गया है कि यदि यह फसल सामान्य परिस्थितियों में 50 रुपये प्रति किलो भी बिकती, तो भी किसान को 10 से 15 लाख रुपये की आय हो सकती थी। लेकिन बारिश के चलते फल पूरी तरह खराब हो जाने से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

करण सिंह ने इस बगीचे को तैयार करने के लिए न केवल अपनी मेहनत लगाई थी, बल्कि उन्होंने 12 महीनों तक काम करने वाले मजदूर भी रखे हुए थे। अब फसल बर्बाद होने के चलते उन्हें मजदूरों की तनख्वाह अपनी जेब से देनी पड़ेगी, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया है।
भारी बारिश ने जहां सड़कों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है, वहीं आवाजाही बाधित होने से फसल को समय पर बाजार तक पहुंचाना भी असंभव हो गया। इस वजह से बगीचे में तैयार अमरूद सड़कर नष्ट हो गए।
करण सिंह उन किसानों में से हैं जो अपनी खेती को पूरी तरह प्राकृतिक ढंग से करते हैं। वे सब्जियां और फल बिना किसी रसायन और दवाइयों के तैयार कर स्थानीय बाजार में बेचते थे। इस बार भी उन्होंने उम्मीदों से भरी मेहनत की थी, लेकिन प्रकृति की मार ने सारी आशाएं तोड़ दीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को बचाने के लिए सरकार को विशेष राहत पैकेज जारी करना चाहिए। वहीं कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि लगातार बदलते मौसम और भारी बरसात से किसानों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीतियों की जरूरत है।
करण सिंह की यह पीड़ा न केवल उनकी व्यक्तिगत हानि है, बल्कि यह उन तमाम किसानों का भी प्रतिबिंब है, जो दिन-रात मेहनत करके खेती को जीवित रखे हुए हैं, लेकिन मौसम की मार से बार-बार टूट जाते हैं।