निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन

डलहौजी/चम्बा, 17 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
रविवार को स्थानीय निरंकारी सत्संग भवन में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर महात्मा परस राम जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि आजके युग में हर इंसान परमात्मा की भक्ति करता है, लेकिन बिना देखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब इंसान पूर्ण सतगुरु की शरण में जिज्ञासा लेकर जाता है तो उसी क्षण सतगुरु उसे कण-कण में व्यापत निरंकार प्रभु परमात्मा के दर्शन करा देते हैं।

महात्मा परस राम जी ने आगे कहा कि युगों-युगों से इंसान को ब्रह्मज्ञान केवल पूर्ण सतगुरु की शरण में आने से ही प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन किसी धर्म या संप्रदाय का नाम नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक विचारधारा है। मिशन का उद्देश्य विभिन्न विचारधाराओं में आस्था रखने वाले सभी इंसानों का सम्मान करना है। यह विचारधारा इस मान्यता में विश्वास रखती है कि साकार सतगुरु के माध्यम से ही परमपिता परमात्मा की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।उन्होंने यह भी कहा कि आत्मबोध ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।

जब इंसान ईश्वर की प्राप्ति करता है तभी वैश्विक भाईचारे की स्थापना संभव होती है। ईश्वर अनुभव से न केवल व्यक्तिगत जीवन में शांति और आनंद प्राप्त होता है, बल्कि संपूर्ण मानव जाति के कल्याण तथा विश्वव्यापी शांति और समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होता है।सत्संग कार्यक्रम में शाखा के संयोजक महात्मा एच.एस. गुलेरिया जी और सेवादल के संचालक महात्मा दीप जसवाल जी ने भी कण-कण में व्यापत निरंकार प्रभु का गुणगान किया। मंच संचालन का दायित्व बहन शिल्पा टंडन जी ने बड़ी निपुणता से निभाया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और सतगुरु के संदेशों को आत्मसात किया।
