बनीखेत इनडोर स्टेडियम की घोषणा बनी जुमला, 18 महीने बाद भी नहीं रखी गई एक भी ईंट

डलहौजी/चंबा 05 नवंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
प्रदेश सरकार द्वारा खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई घोषणाएं अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित होती नज़र आ रही हैं। इसका ताज़ा उदाहरण बनीखेत में प्रस्तावित इनडोर स्टेडियम परियोजना है, जिसके लिए युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने अपने अगस्त 2024 के चंबा प्रवास के दौरान 8 करोड़ 12 लाख रुपये की घोषणा की थी। मंत्री ने उस समय 8 करोड़ रुपये इनडोर स्टेडियम के निर्माण हेतु और अतिरिक्त 12 लाख रुपये बनीखेत स्टेडियम के सुधार कार्यों के लिए स्वीकृत करने की बात कही थी।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि 18 महीने बीत जाने के बावजूद परियोजना का एक भी पत्थर ज़मीन पर नहीं रखा गया है।स्थानीय लोगों और युवा खिलाड़ियों में इसको लेकर गहरी नाराज़गी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व शिक्षा मंत्री एवं छह बार की विधायक आशा कुमारी ने भी इस परियोजना को अपनी उपलब्धि बताते हुए इसे बड़ी सफलता करार दिया था। लेकिन आज तक इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू न होना इस घोषणा की सच्चाई पर सवाल खड़े करता है।जानकारी के अनुसार, इस परियोजना की कवायद पूर्व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के कार्यकाल से चली आ रही है। उस समय इसे खेल अधोसंरचना को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। किंतु अब तक यह सिर्फ राजनीतिक घोषणाओं और आश्वासनों तक सीमित है।सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि स्थानीय विधायक ने भी इस विषय पर विधानसभा या शिमला स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की है। वहीं, क्षेत्र के युवाओं ने कई बार इस स्टेडियम की मांग को लेकर आवाज उठाई।

विभिन्न खेल संगठनों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन नतीजा अभी तक शून्य है।युवा खिलाड़ियों का कहना है कि यदि इनडोर स्टेडियम का निर्माण होता, तो न केवल क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधा मिलती बल्कि जिले के खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी मिलता। परंतु फिलहाल यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित होकर रह गई है।