बनीखेत में बिजली-पानी संकट पर ग्रामीणों की बैठक, 15 जुलाई को धरने की चेतावनी

डलहौजी/चम्बा 29 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
बनीखेत क्षेत्र के ग्रामीणों ने पानी और बिजली की गंभीर समस्या को लेकर एक अहम बैठक की। बैठक में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वर्षों से इस क्षेत्र में ना तो जलापूर्ति की समस्या का समाधान हुआ है और ना ही बिजली व्यवस्था में कोई सुधार देखने को मिला है।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली आम बात बन चुकी है। बीती रात करीब 8 बजे से ही बिजली चली गई थी जो पूरी रात वापस नहीं आई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बनीखेत में इन दिनों आषाढ़ मेले के चलते कई बाहर से आए व्यापारियों ने अस्थायी दुकानें किराए पर ली हैं।

दुकानदारों ने बताया कि बिजली बार-बार जाने के कारण उनके व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है, विशेष रूप से आइसक्रीम जैसे खाद्य उत्पाद बेचने वालों को काफी नुकसान हो रहा है।इस मौके पर युवा मंडल के प्रधान व पंचायत के उप-प्रधान विश्वजीत कालू ने बताया कि जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड के उच्चाधिकारियों को पहले ही शिकायत पत्र भेजे जा चुके हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री को भी इस बारे में अवगत करवाया गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि जल आपूर्ति की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। पहले तीसरे दिन 45 मिनट के लिए पानी दिया जाता था, अब उसे घटाकर 35 मिनट कर दिया गया है। कई बार तीसरे दिन भी पानी नहीं आता, जिससे लोगों को छह-छह दिन तक पानी के बिना गुजारा करना पड़ता है।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शिकायतों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जुलाई को बनीखेत चौक पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और मार्ग को पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी और बिजली उनका मौलिक अधिकार है और अगर इन बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति नहीं होती तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब और अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली बिलों में सर्विसिंग चार्ज वसूला जा रहा है लेकिन सेवा नाममात्र की भी नहीं मिल रही है। 15 जुलाई को धरने का अंतिम निर्णय लिया गया है।