3,000 करोड़ के पर्यटन पैकेज का मनीष सरीन ने किया स्वागत, चंबा के लिए विशेष परियोजनाओं की मांग

डलहौजी/ चम्बा 21 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी ने सीएम सुक्खू की पहल और आर एस बाली की सक्रियता की सराहना की; चंबा में एयरस्ट्रिप, वाटर एयरोड्रोम, रोपवे व वॉटर स्पोर्ट्स शुरू करने की उठाई मांग
सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर्ष 2022 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹3,000 करोड़ के पर्यटन निवेश पैकेज का स्वागत करते हुए इसे हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू की यह पहल प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी।
सरीन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और भौगोलिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है, जहां पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में इस स्तर का निवेश न केवल पर्यटन ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के बाद पर्यटन क्षेत्र में आई गिरावट के बाद यह निर्णय समयानुकूल और दूरदर्शी है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के अध्यक्ष आर एस बाली की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है। सरीन ने कहा कि बाली का प्रयास प्रदेश को एक प्रीमियम टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
हालांकि, सरीन ने जोर देते हुए कहा कि जिला चंबा, जो एक आकांक्षी जिला है, को इस पर्यटन योजना में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंबा में प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन स्थलों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उचित बुनियादी ढांचे और निवेश के अभाव में इसकी क्षमता पूरी तरह से सामने नहीं आ पाई है।
उन्होंने राज्य सरकार से चंबा जिले के लिए विशेष पर्यटन विकास परियोजनाएं शीघ्र शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि:
- एयरस्ट्रिप का निर्माण कर हवाई संपर्क बढ़ाया जाए।
- वॉटर एयरोड्रोम स्थापित कर सीप्लेन सेवाएं शुरू की जाएं।
- प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोपवे विकसित किए जाएं।
- झीलों व जलाशयों में वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए।
- ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के लिए विशेष योजनाएं लागू हों।
- सड़कों, ठहराव और अन्य पर्यटक सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाए।
सरीन ने कहा, “यदि चंबा जिले को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, तो यह उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान बना सकता है। यहां पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।”
अंत में उन्होंने आशा जताई कि राज्य सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करते हुए चंबा को अपनी पर्यटन रणनीति में प्रमुख स्थान देगी, ताकि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ राज्य के दूरदराज और उपेक्षित क्षेत्रों तक भी समान रूप से पहुंच सके।