जिला स्तरीय राष्ट्रीय आयोडीन विकार दिवस चंबा में मनाया गया

चंबा, 29 अक्तूबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा के कार्यालय सभागार में आज जिला स्तरीय राष्ट्रीय आयोडीन विकार दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों व आम नागरिकों को आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आयोडीन की कमी से जुड़ी बीमारियों को रोकना मुश्किल नहीं है, यदि लोग नियमित रूप से आयोडीन युक्त नमक का सेवन करें और शरीर के संकेतों को अनदेखा न करें।कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि हर वर्ष 21 अक्तूबर को विश्व आयोडीन की कमी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों में पोषण के महत्व और आयोडीन की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से छांगा ठाकुर ने बताया कि आयोडीन की कमी से थायरॉयड रोग, बच्चों की मानसिक व शारीरिक विकास में रुकावट और गर्भवती महिलाओं में शिशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।उन्होंने बताया कि आयोडीन की कमी से गर्दन में सूजन (गण्डमाला), थकावट, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, त्वचा का सूखापन और बच्चों में सीखने की क्षमता में कमी जैसी परेशानियां होती हैं। आयोडीन शरीर में स्वयं नहीं बनता, इसलिए इसे भोजन के माध्यम से लेना आवश्यक है। यह थायरॉयड हार्मोन के निर्माण में सहायक होता है, जो शरीर की ऊर्जा, विकास और मस्तिष्क के कार्यों को नियंत्रित करता है।आयोडीन के प्रमुख स्रोतों में आयोडीन युक्त नमक, समुद्री मछली, झींगा, दूध व दुग्ध उत्पाद, तथा अंडे की जर्दी शामिल हैं।

गर्भवती महिलाओं, बच्चों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए। उपस्थित प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि नमक को चूल्हे के पास या सीधी धूप में न रखें, ताकि उसमें मौजूद आयोडीन नष्ट न हो।