होटल इंडस्ट्री को राहत देने के लिए मनीष सरीन ने की GST दर घटाने की मांग

डलहौजी/चम्बा 11 जुलाई मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके मनीष सरीन ने केंद्र सरकार से होटल इंडस्ट्री को राहत देने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटल बुकिंग पर लगने वाले वस्तु एवं सेवा कर (GST) की वर्तमान दरों में संशोधन किया जाना आवश्यक है।मनीष सरीन ने बताया कि वर्तमान में ₹0 से ₹7500 तक के होटल कमरों के किराए पर 12% GST लागू है। यह दर सभी आय वर्गों पर समान रूप से लागू होती है, जिससे खासकर निम्न व मध्यम वर्ग के पर्यटकों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह नीति आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों के विपरीत है और इससे पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।सरीन ने सुझाव दिया कि यदि सरकार ₹0 से ₹3500 तक के कमरे पर GST दर को घटाकर 5% कर दे और ₹3501 से ₹7500 तक के किराए पर 12% की दर यथावत रखे, तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इससे निजी होटलों के साथ-साथ राज्य पर्यटन निगम के होटलों की बुकिंग में भी वृद्धि होगी और पर्यटन व्यवसाय को नई ऊर्जा मिलेगी।उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से पर्यटन को सुलभ और सस्ता बनाने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से घरेलू पर्यटकों के लिए जो सीमित बजट में यात्रा करना पसंद करते हैं। मनीष सरीन ने यह भी जानकारी दी कि वह इस मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के चेयरमैन आर.एस. बाली से शीघ्र ही विस्तृत चर्चा करेंगे।इसके अतिरिक्त, सरीन ने प्रदेश के चारों सांसदों से भी अपील की है कि वे इस विषय को संसद में जोरशोर से उठाएं ताकि केंद्र सरकार इस पर विचार कर हिमाचल प्रदेश को होटल सेक्टर में जरूरी राहत प्रदान कर सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर शीघ्र निर्णय लेकर राज्य के पर्यटन क्षेत्र को गति देने का कार्य करेगी।