आषाढ़ नाग देवता मेला खत्म हुए लगभग तीन महीने, पद्दर मैदान अब भी बदहाली की भेंट

डलहौजी/चंबा, 21 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला स्तरीय ऐतिहासिक आषाढ़ नाग देवता मेला का समापन 24 जून को हो चुका है। मेले के समापन के एक माह बाद जुलाई के अंत तक मैदान में डटे दुकानदारों और झूला संचालकों को प्रशासन द्वारा बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बावजूद आज अगस्त का अंत होने को है और सितंबर दस्तक देने वाला है, लेकिन पद्दर मेला मैदान की हालत दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है।

मैदान के चारों ओर जगह-जगह सीमेंट की ईंटों के ढेर, पानी से भरे गड्ढे और टूटा हुआ मुख्य गेट इस ऐतिहासिक मैदान की बदहाली की गवाही दे रहे हैं। खेल गतिविधियों और स्थानीय आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण यह मैदान वर्तमान में अव्यवस्था का शिकार है।

इस संदर्भ में यूथ क्लब बनीखेत, व्यापार मंडल बनीखेत, स्थानीय मेला कमेटी और खिलाड़ियों ने कई बार प्रशासन को दूरभाष के माध्यम से समस्या से अवगत करवाया। यहां तक कि मेला कमेटी के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज को भी स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक मैदान की दशा में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा।

जब इस बारे में जिला स्तरीय मेला कमेटी के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेले से पूर्व साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर एक ठेका आवंटित किया गया था, लेकिन खराब मौसम के चलते ठेकेदार काम पूरा नहीं कर पाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, मैदान की सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

वहीं, युवा सेवा एवं खेल अधिकारी जिला चंबा रूपेश ने भी मैदान की बदहाली को स्वीकार करते हुए कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। वह स्वयं मैदान का निरीक्षण कर चुके हैं और प्रशासन के साथ मिलकर जल्द ही मैदान को दुरुस्त करवाया जाएगा।
बता दें कि मेला समाप्त हुए तीन महीने होने को हैं, इसके बावजूद मैदान की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। स्थानीय लोग मैदान की अनदेखी पर गहरा रोष जता रहे हैं और प्रशासन से शीघ्र कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

यदि जल्द सुधारात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो यह मैदान न केवल खिलाड़ियों के लिए अनुपयोगी सिद्ध होगा बल्कि आने वाले आयोजनों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर देगा।