अल्पसंख्यक समुदाय के कौशल एवं उद्यमिता विकास को लेकर तैयार किए जाएं प्रस्ताव : उपायुक्त मुकेश रेपसवाल

चंबा, 18 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि ज़िले के अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित लोगों को पारंपरिक और गैर-पारंपरिक कला एवं शिल्प के माध्यम से कौशल एवं उद्यमिता विकास के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्ताव तैयार किए जाने चाहिए।यह निर्देश उपायुक्त ने पीएम-विकास (विरासत का संवर्धन) योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीसा, सलूणी, साहू जैसे अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाए तथा प्रशिक्षण योजनाएं इन्हीं क्षेत्रों को केंद्र में रखकर तैयार की जाएं।उन्होंने कहा कि प्रस्ताव बनाते समय महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया जाए और गेस्ट टीचर के मानदेय सहित समस्त प्रशिक्षण व्यय को प्रस्तावों में सम्मिलित किया जाए। उपायुक्त ने सुझाव दिया कि इस योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले एनजीओ भी प्रशिक्षण प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं और कौशल विकास कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकते हैं।उपायुक्त ने यह भी कहा कि पीएम-विकास योजना के तहत पारंपरिक शिल्पों जैसे बढ़ईगिरी, बुनाई, लोहारगीरी, हस्तकला इत्यादि के साथ आधुनिक कौशलों को भी जोड़ा जाए ताकि लाभार्थियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सके।बैठक में एडीएम अमित मैहरा, ज़िला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।