माई-का-बाग चम्बा में प्रवासी मजदूरों व बच्चों के लिए आउटरीच कार्यक्रम का हुआ आयोजन

चम्बा, 27 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के मिशन-वात्सल्य के अंतर्गत प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से चाइल्ड हेल्पलाइन—चम्बा जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आज सुल्तानपुर के माई-का-बाग में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों व उनके बच्चों के लिए व्यापक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का संचालन चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर विक्की व केस वर्कर चमन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों व बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन की टोल-फ्री सेवा 1098 के कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं एवं कॉल कैसे करें, इसके बारे में विस्तार से बताया। अनाथ, अर्ध-अनाथ, दिव्यांग, जन्म पंजीकरण से वंचित, स्कूल छोड़कर भागे, बाल तस्करी व बाल-विवाह जैसी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए हेल्पलाइन द्वारा उपलब्ध कानूनी, मनोवैज्ञानिक और पुनर्वास संबंधी सहायता की जानकारी साझा की गई।

आउटरीच के दौरान बाल भिक्षावृति की समस्या पर जोर देते हुए बच्चों को भीख मांगने से रोकने का महत्व समझाया गया। अभिभावकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे बच्चों से कभी भी भीख न गरवाएं; अवहेलना की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बच्चों का स्कूल में पुनः दाखिला कराने के लिए आगामी शुक्रवार को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की फिर से वापसी कर निकटतम सरकारी स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यक्रम में पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के यौन शोषण रोधी प्रावधानों व दंडनीय धाराओं की जानकारी दी गई। बाल तस्करी व नशे के दुष्प्रभावों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मोबाइल में अश्लील सामग्री संग्रह या बच्चों को दिखाने पर आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।इसके साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों ने बच्चों को सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श की पहचान करवाते हुए स्वच्छता, पोषण और प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी दिए। इस प्रभावी आउटरीच कार्यक्रम में 12 अभिभावक एवं 9 बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने विभागीय पहल की सराहना की।