शहरी निकाय चुनावों से पहले आरक्षण रोस्टर जारी, बदले समीकरणों से बढ़ी राजनीतिक हलचल

चम्बा 25 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
चम्बा 25 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिले में आगामी शहरी निकाय चुनावों से पहले प्रशासन द्वारा जारी किए गए आरक्षण रोस्टर ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। नगर परिषदों और नगर पंचायतों में इस बार व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं, जिससे चुनावी रणनीतियां और समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। वर्ष 2020 के मुकाबले कई वार्डों की श्रेणियों में बदलाव किया गया है। खासतौर पर महिला आरक्षण में बढ़ोतरी और एससी-एसटी वर्ग के आरक्षण में फेरबदल ने नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दिया है।नगर परिषद डलहौजी में इस बार बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। बकरोटा और अपर सदर बाजार वार्ड को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। लोहाड़ी वार्ड को एसटी (ओपन) और जीपीओ वार्ड को सामान्य श्रेणी में रखा गया है, जबकि हिंदू लेन को एससी (ओपन) में शामिल किया गया है। इसके अलावा कथलग और कांटेक्ट वार्ड भी महिला आरक्षण में शामिल किए गए हैं। मोती टिब्बा वार्ड पूर्व की भांति महिला के लिए आरक्षित रहेगा और डलहौजी क्लब वार्ड सामान्य श्रेणी में रहेगा।नगर पंचायत चुवाड़ी में भी आरक्षण रोस्टर के तहत कई बदलाव किए गए हैं। वार्ड नंबर 1, 4 और 7 को महिला ओपन घोषित किया गया है। वार्ड नंबर 2 (भटुकमलाह) को एसटी ओपन, वार्ड नंबर 3 (त्रिमथ) को सामान्य, वार्ड नंबर 5 (संदवा) को एससी ओपन और वार्ड नंबर 6 (बाजार) को महिला ओपन श्रेणी में रखा गया है।नगर परिषद चंबा में भी आरक्षण के चलते चुनावी समीकरण बदले हैं।चम्बा सदर में सुल्तानपुर वार्ड को एसटी महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि कसाकड़ा वार्ड एसटी (पुरुष) के लिए आरक्षित है। जुलाहकड़ी वार्ड एससी महिला और हटनाला वार्ड एससी (पुरुष) के लिए आरक्षित किया गया है। जनसाली, सुराड़ा और चौगान वार्ड महिला ओपन किए गए हैं, जबकि सपड़ी वार्ड सामान्य श्रेणी में रखा गया है। हरदासपुरा वार्ड को भी महिला ओपन घोषित किया गया है।
वहीं, बनीखेत नगर पंचायत का आरक्षण रोस्टर अभी जारी नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रोस्टर जारी होते ही संभावित उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं। जहां कई पुराने दावेदारों के समीकरण बिगड़े हैं, वहीं नए चेहरों के उभरने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत की गई है, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।