राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में इको क्लब का परिसर सौंदर्यीकरण अभियान, विद्यार्थियों ने किया कचरा पृथक्करण

राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में इको क्लब का परिसर सौंदर्यीकरण अभियान, विद्यार्थियों ने किया कचरा पृथक्करण

भटियात/चम्बा 13 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)

राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी में इको क्लब के तत्वावधान में परिसर सौंदर्यीकरण अभियान के अंतर्गत एक विशेष स्वच्छता और कचरा प्रबंधन गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभियान में बी.एससी. मेडिकल तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में एकत्रित कचरे को दो श्रेणियों—जैव अपघटनीय और अजैव अपघटनीय—में पृथक किया। जैव अपघटनीय कचरे में गिरे हुए पत्ते और अन्य प्राकृतिक अवशेष शामिल थे, जबकि अजैव अपघटनीय कचरे में प्लास्टिक और अन्य गैर-अपघटनीय सामग्री को अलग किया गया।

इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दिया, बल्कि प्रभावी कचरा प्रबंधन की महत्ता को भी समझा।इस गतिविधि में शशि बाला, इशिका, आयुष, कल्पना, अंकिता, कविता, काजल और मुस्कान ने विशेष रूप से भाग लेते हुए कचरे के पृथक्करण का कार्य किया। पृथक्करण के बाद विद्यार्थियों ने जैव अपघटनीय कचरे को महाविद्यालय में स्थापित कम्पोस्टिंग यूनिट में डाला, जिससे उसे आगे चलकर जैविक खाद में परिवर्तित किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिसर में हरियाली बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह पठानिया ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।इको क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. रूप लाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सदस्य डॉ. संजीव कुमार, डॉ. पीतांबर दत्त, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अमृता, हंस राज, बलबीर सिंह, अमित खान और सुभाष चंद सहित अन्य स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहयोग दिया। इस पहल ने महाविद्यालय की कचरा प्रबंधन योजना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा को भी बढ़ावा दिया।

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