मिशन वात्सल्य के तहत जिला अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित, 28 नए बच्चों को मिला सुख आश्रय योजना का लाभ

चम्बा 29 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन एवं पालन-पोषण देखभाल जिला अनुमोदन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना तथा मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और योजनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत 28 नए पात्र बच्चों को लाभान्वित करने की स्वीकृति प्रदान की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में सभी पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा के 310 लाभार्थी बच्चे शामिल हैं, जिनमें से कई वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। उन्होंने ऐसे बच्चों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।बैठक में उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ को अपने-अपने विकास खंडों में पहले से चिन्हित लगभग 100 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मानसून 2025 के दौरान पूर्ण रूप से अनाथ हुए बच्चों की पहचान कर उनका विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान की जा सके।उपायुक्त ने बाल आश्रम साहो में बच्चों के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य संसाधन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा मिशन वात्सल्य फॉस्टर केयर योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने से पहले फील्ड स्तर पर सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अन्य जरूरतमंद वर्गों के बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।उन्होंने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र बच्चों को योजनाओं के दायरे में लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि पात्र बच्चों की पहचान की अंतिम कट-ऑफ तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है।