चंबा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

चम्बा 06 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
चंबा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजितचंबा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंबा के तत्वावधान में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजना “सीनियर सिटिज़न्स के लिए विधिक सेवाएँ योजना, 2016” के अंतर्गत विद्युत विभाग के विश्रामगृह हरदासपुरा, चंबा में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में अधिवक्ता नवीन सिंह ठाकुर और अधिवक्ता कार्तिक नेगी, सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता, कार्यालय एलएडीसी (LADC) चंबा ने संसाधन व्यक्ति के रूप में भाग लिया। उन्होंने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं का भरण-पोषण करने में असमर्थ है, तो वह अपने बच्चों या वैधानिक उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकता है। इसके लिए संबंधित मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा, उपेक्षा या दुर्व्यवहार से संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना तथा सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम के बारे में बताया गया। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को चलने की छड़ी, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और चश्मे जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए जाते हैं।इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंबा की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों को बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद और अन्य कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।कार्यक्रम में पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों सहित कुल 54 वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें 49 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल थीं। उपस्थित प्रतिभागियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना की। प्राधिकरण ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर समाज के विभिन्न वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने की बात कही।