सुर्खीगला जंगल में गुपचुप तरीके से कूड़ा फेंकने का मामला उजागर, डलहौजी छावनी प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

डलहौजी/चम्बा 10 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
डलहौजी क्षेत्र के बनीखेत नगर पंचायत के अंतर्गत सुर्खीगला के साथ लगते जंगल में कूड़ा-करकट के अंबार लगाए जाने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर डलहौजी क्षेत्र से संबंध रखने वाले कुछ युवाओं ने इस संबंध में एक वीडियो साझा किया था, जिसमें जंगल के भीतर बड़ी मात्रा में फैले कूड़े को दिखाया गया था। वीडियो में युवाओं ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र के कुछ निजी होटलों द्वारा जंगल में कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चिंता और नाराज़गी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र होने के कारण यहां स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जंगलों में कूड़ा फेंकने से न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंचता है, बल्कि जंगली जानवरों के लिए भी खतरा पैदा हो जाता है।इस मामले को लेकर जब बनीखेत नगर पंचायत के कनिष्ठ अभियंता से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर कूड़ा फैलाया जा रहा है, वह क्षेत्र नगर पंचायत बनीखेत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनके अनुसार यह इलाका डलहौजी छावनी परिषद के अधीन है, इसलिए इस पर कार्रवाई करना छावनी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वहीं, इस संबंध में डलहौजी छावनी के सीईओ सोभिक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई करते हुए उस स्थान को चिन्हित कर लिया गया है जहां कूड़ा फैलाए जाने की आशंका रहती है। वहां लगभग 10 फीट ऊंची जाली लगाई जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति वहां कूड़ा न फेंक सके। साथ ही इससे जंगली जानवरों के आने-जाने से भी होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।सीईओ ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वाले युवाओं का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि यदि वे जागरूकता दिखाते हुए वीडियो साझा न करते, तो शायद यह मामला सामने ही नहीं आता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उस क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।