आईओसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट रायपुर सहोड़ा में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तैयारियों की परखी गई क्षमता

आईओसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट रायपुर सहोड़ा में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तैयारियों की परखी गई क्षमता

ऊना 11 मार्च चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

हिमाचल प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी एवं नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिला ऊना के रायपुर सहोड़ा (मैहतपुर) स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में संभावित आपदा की स्थिति में प्रशासन और संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी समन्वय और उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का आकलन करना था।मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एलपीजी सिलेंडरों से भरे एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने और आग लगने की सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना को प्राप्त होने का अभ्यास किया गया।

इस सूचना के आधार पर प्रशासन और विभिन्न विभागों ने तुरंत सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य शुरू किए। आईओसीएल के अधिकारियों ने इस घटना को लेवल-3 की अग्नि दुर्घटना मानते हुए पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का परिदृश्य तैयार किया। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेजा गया।इस दौरान स्टेजिंग एरिया, प्लानिंग और लॉजिस्टिक पोस्ट की स्थापना, रेस्क्यू ऑपरेशन, चिकित्सा सहायता और घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत पूर्वाभ्यास किया गया। अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, प्रतिक्रिया समय और आपदा की स्थिति में सामने आने वाली तकनीकी एवं व्यवहारिक चुनौतियों की भी पहचान की गई।

एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना था। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में गैस रिसाव या आग लगने जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए ऐसे अभ्यास अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क और तैयार रखने में बेहद सहायक होते हैं।इस अवसर पर होमगार्ड 12वीं बटालियन ऊना के कमांडेंट हितेश लखनपाल, डिप्टी कमांडेंट ऑपरेशन धर्मेंद्र ठाकुर, आईओसीएल के मुख्य प्लांट प्रबंधक नितिन पांडे, अग्निशमन अधिकारी सुरेश कुमार, पुलिस निरीक्षक अंकुश डोगरा तथा जिला आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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