चंबा में नशे के खिलाफ सख्ती: 70 मामले दर्ज, 95 आरोपी गिरफ्तार; हर पंचायत में नियुक्त होगा ‘चिट्टा वॉलंटियर’

चंबा 28 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जिला चंबा में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में बुधवार को एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनकार्ड) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा नशे की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के सीमांकन और जब्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिले की पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों को रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। सर्वाधिक नशा संबंधी मामले सामने आने वाले क्षेत्रों को रेड जोन में रखा गया है।

वर्तमान में 13 रेड पंचायतों एवं नगर निकाय क्षेत्रों में नशा निवारण समितियों का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, 12 नई चिन्हित रेड पंचायतों में भी समितियों का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक पंचायत में नशा विरोधी गतिविधियों की निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए एक ‘चिट्टा वॉलंटियर’ नामित किया जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि 28 अक्तूबर 2026 तक जिले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 70 मामले दर्ज कर 95 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस दौरान 19.996 किलोग्राम चरस, 575.99 ग्राम चिट्टा/हेरोइन, 2.169 किलोग्राम पोस्त भूसा और 868 पोस्त के पौधे बरामद किए हैं। इसके अलावा, कोटपा अधिनियम के तहत 2,511 चालान कर 3,12,950 रुपये जुर्माना वसूला गया है। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर एलईडी स्क्रीन भी स्थापित की जा रही हैं।बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
