हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी का बढ़ता संकट: सरकार ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े

हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी का बढ़ता संकट: सरकार ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े

भरमौर/चम्बा 21 मार्च मुकेश कुमार गोल्डी (ब्यूरो)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों डॉ. जनक राज (भरमौर), राकेश जम्वाल (सुंदरनगर) और त्रिलोक जम्वाल (बिलासपुर) ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर उद्योग मंत्री से सवाल किया।इस पर सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों ने प्रदेश में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को उजागर किया।विधानसभा में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुल 6,32,505 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इनमें अनुसूचित जाति के 1,78,294, अनुसूचित जनजाति के 38,510, और सामान्य वर्ग के 3,25,787 बेरोजगार युवा शामिल हैं।सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 में यह दर 4% थी, जो 2022-23 में बढ़कर 4.4% और 2023-24 में 5.4% तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी प्रदेश में रोजगार के अवसरों की कमी को दर्शाती है।

सरकार ने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों पर काम किया जा रहा है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम, और औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर बेरोजगारी की समस्या से निपटने में असफल रहने का आरोप लगाया। भाजपा विधायकों ने सरकार से मांग की कि प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!