चुराह सनवाल पंचायत में सेब के पौधारोपण में सवा करोड़ की गड़बड़ी, 29 हजार पौधे रिकॉर्ड से गायब,बीडीओ और अकाउंटेंट के हस्ताक्षरों का होगा फॉरेंसिक मिलान, पुलिस जांच में जुटी

चुराह/चंबा 01 नवंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जिला चंबा की सनवाल पंचायत में मनरेगा के तहत सेब के पौधारोपण के नाम पर खर्च किए गए करीब सवा करोड़ रुपये के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सरकारी रिकॉर्ड और मौके पर मिले पौधों की संख्या में भारी अंतर सामने आने के बाद अब जांच का दायरा पौधों की खरीद और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों तक पहुंच गया है। पुलिस इस मामले में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और अकाउंटेंट के हस्ताक्षरों का फॉरेंसिक मिलान करवाने की तैयारी कर रही है।जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में सनवाल पंचायत में मनरेगा के तहत करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से 48 हजार सेब के पौधे लगाने का कार्य करवाया गया था। सरकारी दस्तावेजों में 48 हजार पौधों का पौधारोपण दर्ज किया गया था, लेकिन शिकायत के बाद हुई जांच में मौके पर केवल 19 हजार पौधे ही पाए गए।

इस तरह रिकॉर्ड और धरातल पर मौजूद पौधों की संख्या में 29 हजार का बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद पौधों की खरीद, आपूर्ति, रोपण और भुगतान की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई।पुलिस जांच में अब पौधों की खरीद और भुगतान से संबंधित बिलों को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि बिलों पर दर्ज हस्ताक्षर तत्कालीन बीडीओ और अकाउंटेंट के ही हैं या नहीं। इसके लिए दोनों कर्मचारियों के हस्ताक्षरों के नमूने लिए जाएंगे और संबंधित बिलों पर दर्ज हस्ताक्षरों से उनका फॉरेंसिक मिलान करवाया जाएगा। संभावना है कि इसी माह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ तीसा थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।अब पुलिस दस्तावेजों की प्रमाणिकता, हस्ताक्षरों की वास्तविकता और भुगतान प्रक्रिया में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, हस्ताक्षरों का मिलान ही पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं होगा। पौधों की वास्तविक खरीद और आपूर्ति सहित सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल भी की जाएगी।