चंबा में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग अवशेषों का भव्य पूजन, हजारों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

चम्बा 01 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर ने बुधवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनते हुए अपने गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया। ऐतिहासिक चौगान मैदान में भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से जुड़े पवित्र अवशेषों का भव्य पूजन एवं दर्शन कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ।द आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में आयोजित इस दिव्य कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में हुआ, जिनकी प्रेरणा से इन दुर्लभ अवशेषों को पहली बार जन-दर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वेद मंत्रों के उच्चारण से हुआ, जब गुरुकुल के वेद बटुकों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से श्रद्धालुओं को ज्योतिर्लिंग के इतिहास और अवशेषों की महत्ता से अवगत कराया गया। मुख्य पूजा शुरू होते ही पूरा परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।इस अवसर पर सामूहिक ध्यान, सत्संग और दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकल्प भी लिया। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

मान्यता के अनुसार, लगभग एक हजार वर्ष पूर्व विदेशी आक्रमणों के दौरान सोमनाथ मंदिर को क्षति पहुंचाई गई थी, तब उसके पवित्र अंशों को ब्राह्मणों ने सुरक्षित रखा। अब इन्हीं अवशेषों के दर्शन पूरे हिमाचल प्रदेश में कराए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत चंबा से हुई है।इस सफल आयोजन के साथ चंबा एक बार फिर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है।