सर्दियों की आहट के साथ मैदानों की ओर बढ़ने लगे भेड़पालक, भेड़-बकरियों के साथ घुमंतू समुदायों का पलायन शुरू

चंबा 31 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
सर्दियों के आगमन के साथ ही जिला चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले घुमंतू गुज्जर एवं भेड़पालक समुदायों ने अब निचले और मैदानी क्षेत्रों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और ऊंचाई वाले इलाकों में जल्द बर्फबारी की संभावना को देखते हुए भेड़पालक अपने पशुधन के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।जिला चंबा के उपमंडल भरमौर, तीसा, सलूणी और तेलका सहित अन्य दुर्गम क्षेत्रों से भेड़पालकों के काफिले मैदानों की ओर बढ़ने लगे हैं। ये घुमंतू पशुपालक अपनी भेड़-बकरियों के बड़े झुंडों के साथ पहाड़ी रास्तों से होते हुए निचले क्षेत्रों की ओर कूच कर रहे हैं।

सर्दियों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और चारे की कमी के कारण पशुओं को पालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में भेड़पालक हर वर्ष मौसम के अनुसार अपने पारंपरिक प्रवास पर निकलते हैं।भेड़पालकों का यह मौसमी पलायन सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। गर्मियों में ये समुदाय अपनी भेड़-बकरियों के साथ ऊंचे चरागाहों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि सर्दियां शुरू होते ही मैदानी इलाकों की ओर चले जाते हैं। इस दौरान रास्ते में उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।स्थानीय स्तर पर भेड़पालकों की आवाजाही शुरू होने से पहाड़ी मार्गों पर जगह-जगह भेड़-बकरियों के झुंड दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में बर्फबारी बढ़ने के साथ इनकी आवाजाही में भी तेजी आने की संभावना है।

मौसम के अनुकूल यह पारंपरिक पलायन भेड़पालकों के जीवन और उनकी पशुधन आधारित आजीविका का अहम हिस्सा है।