उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने द्वारिका में हिमाचल के विद्यार्थियों से की मुलाकात, वी-वॉक शिक्षा को बताया ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम

कांगडा 20 जनवरी चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश सरकार के उपमुख्य सचेतक एवं विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया इन दिनों हिमाचल प्रदेश विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के सदस्य के रूप में गुजरात के द्वारिका प्रवास पर हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती के सफल मॉडलों का अध्ययन करना है, ताकि हिमाचल प्रदेश में सतत और लाभकारी कृषि को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।द्वारिका प्रवास के दौरान केवल सिंह पठानिया की राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के वी-वॉक (Vocational Education – Hospitality & Tourism) विभाग के विद्यार्थियों से आत्मीय भेंट हुई। इस अवसर पर बंटू, रवि, प्रवेश, सुजल, ओम प्रकाश, अनिल, मुस्कान, रूचि और तमन्ना सहित कई विद्यार्थी उपस्थित रहे, जो वर्तमान में गुजरात में देश के प्रतिष्ठित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रांड्स के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केवल सिंह पठानिया ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के वी-वॉक विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है, क्योंकि डिग्री पूरी करते ही विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद कई विद्यार्थी देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, जो हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है।उपमुख्य सचेतक ने कहा कि वी-वॉक जैसी वोकेशनल शिक्षा युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी भी बनाती है। कई विद्यार्थियों ने नौकरी के अनुभव के बाद पर्यटन क्षेत्र में अपने स्वयं के स्टार्ट-अप शुरू किए हैं, जिससे अन्य युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इनमें से कुछ विद्यार्थी उनकी शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के धारकंडी इलाके से भी हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अपने क्षेत्र और प्रदेश के बच्चों को दूसरे राज्यों में मेहनत करते और आगे बढ़ते देखना अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है।केवल सिंह पठानिया ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के दूरदर्शी नेतृत्व को देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी आज अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंच बना रहे हैं, जो प्रदेश में दी जा रही रोजगारोन्मुखी वोकेशनल शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है।