केंद्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के हितों के खिलाफ, जनता की उम्मीदों की अनदेखी :- विधायक नीरज नैय्यर

चम्बा 02 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
चंबा सदर के विधायक नीरज नैय्यर ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे हिमाचल प्रदेश के हितों के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में प्रदेश की आम जनता, किसानों-बागवानों और युवाओं की अपेक्षाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। विधायक के अनुसार बजट में न तो रोजगार सृजन के ठोस उपाय दिखाई देते हैं और न ही ग्रामीण एवं पहाड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले प्रावधान किए गए हैं।नीरज नैय्यर ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ अन्याय किया है तथा पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य सीमित संसाधनों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अधिक विकास लागत से जूझते हैं, इसके बावजूद बजट में इनके लिए कोई विशेष सहायता या रियायत शामिल नहीं की गई।विधायक ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश लगातार भारी प्राकृतिक आपदाओं—अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन और बाढ़—से प्रभावित हुआ है, जिससे राज्य को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कोई विशेष आर्थिक पैकेज या राहत प्रावधान नहीं रखा, जो बेहद निराशाजनक है।उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहाड़ी राज्यों पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ रहा है, लेकिन बजट में इन समस्याओं से निपटने के लिए कोई ठोस सहायता या दीर्घकालिक योजना नहीं दिखाई देती।नीरज नैय्यर ने प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त किए जाने पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह अनुदान हिमाचल जैसे छोटे और सीमित संसाधनों वाले राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक था। इसे समाप्त करना राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर करेगा और विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। विधायक ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार करे और हिमाचल प्रदेश को उसकी वास्तविक आवश्यकताओं व संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप न्यायसंगत बजटीय सहयोग प्रदान करे।