जिला चंबा में रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम पर मेडिकल अधिकारियों व स्टाफ नर्सों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

चम्बा 02 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला चंबा द्वारा आज जीएनएम स्कूल, मेडिकल कॉलेज चंबा के सभागार में रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत मेडिकल अधिकारियों एवं स्टाफ नर्सों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर सही उपचार और रोकथाम के उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों में रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना है।डॉ. भारद्वाज ने रेबीज के खतरे, इसके संक्रमण के कारणों और समय पर उपचार न मिलने की स्थिति में होने वाले गंभीर परिणामों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कुत्ते, बंदर या अन्य जानवरों के काटने के बाद तुरंत घाव की सही तरीके से सफाई, समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोब्युलिन का उपयोग रोगी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।प्रशिक्षण सत्र के दौरान रेबीज के लक्षण, उपचार की नवीनतम गाइडलाइंस और रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, प्रतिभागियों को फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी जानकारी दी गई।इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पूरी तथा डॉ. सोहेल सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले में रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।