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डलहौजी/चंबा, 18 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
सामाजिक कार्यकर्ता एवं 2022 विधानसभा चुनाव में डलहौजी से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने चंबा जिले के नगर निकाय चुनावों में भाजपा की हार को जनता द्वारा दिया गया स्पष्ट राजनीतिक संदेश बताया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चंबा, नगर परिषद डलहौजी और नगर पंचायत चुवाड़ी में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की पराजय यह दर्शाती है कि जनता अब “जुमलों और प्रचार की राजनीति” से ऊब चुकी है।सरीन ने अपने जारी बयान में कहा कि जिन क्षेत्रों को भाजपा अपना मजबूत गढ़ बताती रही, वहीं जनता ने उसे नकार दिया। उनके अनुसार यह परिणाम केवल स्थानीय निकाय चुनाव का नतीजा नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, जनविरोधी नीतियों और विकास के दावों के खिलाफ जनता की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया है।उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी केवल सोशल मीडिया प्रचार और धार्मिक ध्रुवीकरण तक सीमित रह गई है।सरीन ने कहा कि चंबा और डलहौजी जैसे पर्यटन व सीमावर्ती क्षेत्रों में जनता अब सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल जैसे मूलभूत मुद्दों पर वोट कर रही है, जिन पर भाजपा विफल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी पहाड़ी राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के बेहतर प्रदर्शन ने “डबल इंजन” की राजनीति के कमजोर पड़ने का संकेत दिया है। सरीन ने भाजपा को आत्ममंथन की सलाह देते हुए सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और जनहित में काम करने की उम्मीद जताई।