बनीखेत में लगातार बिजली कटौती पर मनीष सरीन का हमला, 33 केवी उपकेंद्र को लेकर उठाए सवाल

चंबा 09 जुलाई मुकेश कुमार (गोल्डी)
सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में डलहौज़ी क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने बनीखेत और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बारिश, धूप, बर्फबारी या सामान्य मौसम—हर स्थिति में बिजली गुल होना आम बात बन चुकी है, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।सरीन ने कहा कि बनीखेत के लोग वर्षों से अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या झेल रहे हैं। इसका असर न केवल आम नागरिकों पर, बल्कि व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आते।उन्होंने लगभग ₹10 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र को लेकर भी सवाल उठाए। सरीन ने कहा कि जब इस परियोजना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, तो इसके निर्माण में देरी क्यों की गई। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्षेत्र में यह चर्चा है कि कहीं इसका उद्घाटन 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ने की योजना तो नहीं।सरीन ने सरकार और विद्युत विभाग से मांग की कि उपकेंद्र का निर्माण तय समय-सीमा में पूरा किया जाए और इसकी प्रगति नियमित रूप से सार्वजनिक की जाए। साथ ही उन्होंने मौजूदा बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने और पुराने विद्युत नेटवर्क का तकनीकी ऑडिट करवाने की भी मांग की।उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं और भाषणों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि उसे भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति की आवश्यकता है।