बनीखेत में प्रथम जूनियर नेशनल टायराथॉन चैम्पियनशिप का भव्य समापन, 14 राज्यों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

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बनीखेत/चंबा, 25 अक्तूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश के बनीखेत में आयोजित प्रथम जूनियर नेशनल टायराथॉन चैम्पियनशिप का आज रविवार को तीन दिवसीय आयोजन के बाद भव्य समापन हुआ। 23 से 25 अक्तूबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों से पहुंचे बाल खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा, गति, अनुशासन और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता के अंतिम दिन प्रसिद्ध व्यवसायी राहुल ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें खेलों में निरंतर मेहनत करने और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।अंतिम दिन बालक, बालिका और मिक्स्ड रिले रेस के रोमांचक मुकाबले आयोजित किए गए। बालक वर्ग की रिले रेस में हरियाणा ने स्वर्ण, कर्नाटक ने रजत और डलहौजी पब्लिक स्कूल ने कांस्य पदक हासिल किया।

बालिका वर्ग में डलहौजी पब्लिक स्कूल ने स्वर्ण, हिमाचल प्रदेश ने रजत और तमिलनाडु ने कांस्य पदक जीता। मिक्स्ड रिले रेस में डलहौजी पब्लिक स्कूल की टीम प्रथम रही, जबकि कर्नाटक ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पंजाब और राजस्थान की टीमों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 100 मीटर बालिका दौड़ में डलहौजी पब्लिक स्कूल की मौमिता ने स्वर्ण, कर्नाटक की हेमलता ने रजत और हरियाणा की मोहिनी ने कांस्य पदक जीता। 200 मीटर बालिका वर्ग में कर्नाटक की यसु बीएल प्रथम, हिमाचल की अर्पिता द्वितीय और डलहौजी पब्लिक स्कूल की डिस्कत तृतीय रहीं। बालक वर्ग में कर्नाटक के गगन एमएच ने स्वर्ण, हिमाचल के विकास ने रजत और आंध्र प्रदेश के सुमित ने कांस्य पदक हासिल किया।400 मीटर बालक वर्ग में हरियाणा के लक्ष्य ने स्वर्ण, डलहौजी पब्लिक स्कूल के नदीम ने रजत और हरियाणा के योगेश ने कांस्य पदक जीता।

बालिका वर्ग में दिव्या ने स्वर्ण, मौमिता ने रजत, जबकि मोनिशा और अफीजा ने संयुक्त रूप से कांस्य पदक प्राप्त किया।इस चैम्पियनशिप के सफल आयोजन से बनीखेत में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिला और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का राष्ट्रीय मंच मिला।