
देवी देहरा में जिला स्तरीय निरंकारी संत समागम का हुआ आयोजन, महात्मा एचएस चावला ने संगत को अपने प्रवचनों से किया निहाल
चंबा /डलहौजी 21 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी )
जालापा माता मंदिर देवीदेहरा प्रांगण में शनिवार को निरंकारी संत समागम आयोजित किया जिसमें निरंकारी मिशन के राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार विभाग के प्रभारी सदस्य महात्मा एचएस चावला ने संगत को अपने प्रवचनों से निहाल किया। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन अध्यात्म को व्यवहारिक रूप दे रहा है। मिशन देश-विदेश के कौने-कौने में यह संदेश दे रहा है कि एक को जानों, एक को मानो और एक हो जाओ। उन्होंने कहा कि जिस इंसान को परमात्मा ने बनाया उसमें परमात्मा को जानने की जिज्ञासा नहीं है।

निरंकारी मिशन न केवल जिज्ञासुओ को परमात्मा का बोध करवा रहा है बल्कि समाज के हर वर्ग, हर धर्म-मजहब में परमात्मा को जानने की चेतना उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि संसारिक मनुष्य अपनी मांगों को पूरा करने के लिए विभिन्न मंचों पर कैंडल मार्च कर रहे हैं जबकि निरंकारी महात्मा आपकी मांगें पूरी करने के लिए कैंडल मार्च कर रहा है जो कहता है कि सब का भला करो भगवान। जिस भगवान की आप जाने-अनजाने में भक्ति कर रहे हो, पहले उसे जान तो लो फिर भक्ति करो। उन्होंने कहा कि अपने व्यापार में अगर किसी को भागीदार बनाना चाहते हैं तो परमात्मा को भागीदार बनाओ जो कभी भी आपको डूबने नहीं देगा और न ही कभी धोखा देगा।

हमारे कई रिश्तेदार होते हैं मगर वास्तव में उनमें से कोई हमारा सगा नहीं होता। जो हर क्षण हमारे अंग-संग है वही हमारा अपना है अर्थात वही हमारा सगा है। जिन्होंने ईश्वर को याद नहीं रखा अर्थात ईश्वर की अनुभूति नहीं की वह संसार से खाली हाथ चले गए। माया मरी न मन मरा, मर मर गए शरीर, आशा तृष्णा न मुझे कह गए संत कबीर। इससे पहले मिशन के क्षेत्रीय संचालक तिलक राज डोगरा, जिला प्रमुख दुनी चंद सहित अन्य कई अनुयाइयों ने भजन-प्रवचन के माध्यम से ईश्वर का गुणगान करते हुए मानव योनी में परमात्मा को जानने के लिए प्रोत्साहित किया।

वहीं डलहौजी इकाई के संयोजक एचएस गुरेलिया ने समागम के सफल आयोजन के लिए तमाम सहभागियों का आभार व्यक्त किया। समागम में निकंरारी मिशन की जिला चंबा की 13 इकाईयों ने भाग लिया।