पंजपुला में सैलानियों की लापरवाही बन सकती है हादसे की वजह, चेतावनी बोर्ड का अभाव

डलहौजी/ चम्बा 30 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
मैदानों में गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग राहत की तलाश में पहाड़ी इलाकों का रुख करने लगे हैं। इसके चलते पहाड़ों की रानी शिमला, कुल्लू-मनाली, धर्मशाला के साथ-साथ डलहौजी भी इन दिनों सैलानियों से गुलजार हो गया है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं और छोटे-बड़े व्यापारी भी अच्छे कारोबार से खुश नजर आ रहे हैं।हालांकि, इस भीड़ के बीच एक चिंताजनक पहलू भी सामने आ रहा है। बाहरी सैलानी गर्मी से राहत पाने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए कई बार जोखिम उठाने से भी नहीं हिचकते। इसका ताजा उदाहरण चम्बा भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर स्थित पंजपुला में देखने को मिल रहा है, जहां पर्यटक बिना किसी सावधानी के सीधे नाले में उतरकर स्नान करते नजर आ रहे हैं।विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पल-पल बदलता रहता है।

कई बार ऊपरी इलाकों में बारिश हो रही होती है, जबकि निचले क्षेत्रों में धूप खिली रहती है। ऐसी स्थिति में अचानक पानी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को देखते हुए आमतौर पर ऐसे स्थानों पर नालों और झरनों के पास जाने से मना किया जाता है।चौंकाने वाली बात यह है कि पंजपुला जैसे संवेदनशील स्थल पर प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार के चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिससे सैलानियों को संभावित खतरे के प्रति आगाह किया जा सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना घट सकती है।ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यहां कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी — प्रशासन की या लापरवाह पर्यटकों की?
