हिमाचल में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की अहम बैठक, ग्रामीण सशक्तिकरण और महिला भागीदारी पर जोर

चम्बा 01 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजीव गांधी पंचायती राज ऑपरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति, विस्तार योजना और ग्रामीण विकास में उसकी भूमिका को लेकर गहन चर्चा की गई।
बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. संजय (शिमला, कांगड़ा, चंबा प्रभारी), प्रदेशाध्यक्ष सचिन मिरुपा, प्रदेश सचिव सुरेश कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा कांगड़ा की जिलाध्यक्ष रूपरेखा और चंबा के जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की योजनाएं प्रस्तुत कीं।
बैठक को संबोधित करते हुए सुरजीत भरमौरी ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल औपचारिक नहीं, बल्कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में बराबरी की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक महिलाएं पंचायतों में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगी, तब तक जमीनी स्तर पर ठोस सामाजिक बदलाव संभव नहीं है।

पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर कांग्रेस की जनहितैषी नीतियों का प्रचार करें और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करें। वहीं, डॉ. संजय ने पंचायत प्रतिनिधियों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर बल दिया।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पंचायतों को विकास का केंद्र बनाने का संकल्प लिया गया। सभी नेताओं ने एकजुट होकर ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को सशक्त बनाने और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा जताया।
