मतदाता अधिकारों की रक्षा को लेकर माकपा का धरना, निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता की मांग

चंबा 30 सितंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
मतदाता अधिकारों की रक्षा और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बहाल करने की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी चंबा ने बुधवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वामपंथी पार्टियों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने और गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने की मांग उठाई।
माकपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार पर टिकी है। ऐसे में मतदाता सूचियों में मनमानी, अपारदर्शिता अथवा पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका गंभीर विषय है।

पार्टी ने कहा कि वामपंथी दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विरोध कार्यक्रमों का आह्वान किया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से SIR पर रोक लगाने, गलत तरीके से सूची से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने तथा निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
माकपा जिला कमेटी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर दिए नहीं हटाया जाना चाहिए। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच कर पात्र पाए जाने पर मतदान अधिकार तत्काल बहाल किए जाएं।
प्रदर्शन में सुदेश, विपिन, रिझु राम, याकूब, जय सिंह, अशरफ, केवल, दिनेश, प्रीतम, नरेन और लेखराज सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान के अधिकार की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए।
