इलाज में देरी और एंबुलेंस के इंतजार के बीच महिला की मौत, चंबा मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठे कई सवाल

चंबा 19 सितंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
चंबा 19 सितंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। ग्राम पंचायत कुम्हारका के गांव कुम्हारूईं की 36 वर्षीय बबली देवी उर्फ बॉबी की घास काटते समय ढलान से गिरने के बाद मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार में देरी हुई और टांडा रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।जानकारी के अनुसार बबली देवी शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे घास काटने के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह ढलान से नीचे गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के करीब आधे घंटे के भीतर परिजन उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि यहां प्राथमिक उपचार में काफी समय लगा। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।परिजनों के अनुसार रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस उपलब्ध होने में करीब दो घंटे लग गए। उनका आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद कभी टायर तो कभी तेल की समस्या बताकर उन्हें इंतजार करवाया गया।

आखिरकार महिला को टांडा के लिए रवाना किया गया, लेकिन बाथरी के समीप उसकी हालत बिगड़ गई और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज की उपचार एवं एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि समय पर उपचार और एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती, तो महिला की जान बचने की संभावना हो सकती थी। परिजनों के अनुसार महिला की मौत के बाद शव को वापस चंबा लाने के लिए भी एंबुलेंस की व्यवस्था में परेशानी का सामना करना पड़ा।इसी बीच भाजपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य राज सिंह ठाकुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मृतका के परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने उनके समक्ष भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर रोष जताया।एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। वहीं, उपचार में देरी और एंबुलेंस की अनुपलब्धता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐ
