चट्टानें गिरने से खाई में गिरी जेसीबी, बीमा कंपनी को 10.04 लाख चुकाने के आदेश

चंबा 02 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा ने जेसीबी मशीन के बीमा दावे से जुड़े मामले में इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को शिकायतकर्ता के पक्ष में 10,04,791 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने बीमा कंपनी की ओर से तकनीकी आधार पर बीमा दावा बंद किए जाने को सेवा में कमी माना है। इसके साथ ही शिकायत दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज, 10 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये कानूनी खर्च भी अदा करने के निर्देश दिए गए हैं।मामला सलूणी निवासी बिमला से संबंधित है, जो एम/एस साहिल एंटरप्राइजेज की एकमात्र मालिक हैं। उनकी जेसीबी मशीन संख्या एचपी-73ए-6062 का बीमा 22 अगस्त 2023 से 21 अगस्त 2024 तक वैध था। छह अक्तूबर 2023 को तिस्सा-सनवाल मार्ग पर काम के दौरान अचानक पहाड़ी से चट्टानें गिरने लगीं। चालक ने मशीन को रोकने के लिए ब्रेक लगाए, लेकिन जेसीबी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना पुलिस और बीमा कंपनी को दी गई।बीमा कंपनी ने नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेयर इंदु भूषण भाटिया को नियुक्त किया। सर्वेयर ने जेसीबी को हुए नुकसान का आकलन 10,04,790.88 रुपये किया। हालांकि, बीमा कंपनी ने फिटनेस प्रमाणपत्र, रूट परमिट, रोड टैक्स और वेट स्लिप से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध न करवाने का हवाला देते हुए 16 मई 2024 को दावा बंद कर दिया।सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड की जांच की। आयोग ने पाया कि रोड टैक्स से संबंधित देरी का हादसे से सीधा संबंध नहीं था। परिवहन विभाग ने छह अगस्त 2024 को 3,05,097 रुपये एकमुश्त कर के रूप में स्वीकार किए, जिसमें दुर्घटना की तारीख तक की अवधि भी शामिल थी।आयोग ने यह भी माना कि जेसीबी निर्माण उपकरण वाहन की श्रेणी में आती है और हादसे के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य नारायण ठाकुर की पीठ ने 24 सितंबर 2026 को शिकायत स्वीकार करते हुए सर्वेयर द्वारा आंकी गई राशि के आधार पर बीमा कंपनी को भुगतान के आदेश दिए।