डलहौजी में मजदूर की मौत के बाद भी नहीं चेता होटल प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों के बिना निर्माण कार्य जारी
निर्माणाधीन होटल में दोबारा हादसे का खतरा, स्थानीय प्रशासन और श्रमिक कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

निर्माणाधीन होटल में दोबारा हादसे का खतरा, स्थानीय प्रशासन और श्रमिक कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
डलहौजी/ चम्बा 27 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
पर्यटन नगरी डलहौजी में निर्माण कार्यों के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते दिनों एक निजी निर्माणाधीन होटल में छत से गिरने के कारण पंजाब निवासी एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया था, जो अभी विचाराधीन बताया जा रहा है। इसके बावजूद संबंधित होटल में एक बार फिर निर्माण कार्य शुरू होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त होटल में छत का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं और न ही सुरक्षा उपकरणों का उचित इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में पहले ही एक मजदूर की जान जा चुकी होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।इस मामले में स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन और भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है।

सवाल यह उठता है कि यदि किसी निर्माण स्थल पर पहले कोई गंभीर हादसा हो चुका है, तो वहां दोबारा काम शुरू करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? क्या निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा की जांच की जा रही है और क्या संबंधित प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं?निर्माण कार्यों में ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट, सुरक्षित मचान और अन्य जरूरी उपकरणों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इन उपायों की अनदेखी मजदूरों की जान को खतरे में डाल सकती है।स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि संबंधित विभाग मामले का संज्ञान लेकर निर्माण स्थल का निरीक्षण करें और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करवाएं। साथ ही, पहले हुए हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया को भी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए।अब बड़ा सवाल यह है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी के कारण दोबारा कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को किसी अन्य अनहोनी का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मजदूरों की जान सुरक्षित रह सके।
