पांगी में प्राकृतिक खेती को मिला बढ़ावा, जौ की सरकारी खरीद 80 रुपये किलो तक पहुंची

पांगी/चम्बा 18 सितंबर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 अप्रैल 2025 को जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया था। इसके बाद प्राकृतिक खेती से उत्पादित जौ को सरकारी स्तर पर खरीदने का निर्णय लिया गया। शुरुआत में जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित था, जिसे अब बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।सरकार की इस पहल का सकारात्मक असर पांगी घाटी के किसानों पर देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 में घाटी के 34 किसानों ने 6000 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 99.74 क्विंटल जौ सरकार को बेचा, जिसके एवज में किसानों को 5,98,440 रुपये का भुगतान किया गया।

वहीं, वर्ष 2026 में अब तक करीब 152 किसानों ने 362 क्विंटल जौ सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए कृषि विभाग के पास पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 तक यह मात्रा करीब 400 क्विंटल पहुंचने की संभावना है। इससे वर्ष 2025 की तुलना में सरकारी जौ खरीद लगभग चार गुना होने की उम्मीद है।किसानों का कहना है कि पहले उन्हें जौ की उपज बेहद कम दाम पर बेचनी पड़ती थी, जिससे कई बार उत्पादन लागत और मेहनत भी पूरी नहीं हो पाती थी। ग्राम पंचायत सुराल के किसान राम कुमार व राकेश कुमार, हुड़ान के शेर सिंह तथा चस्क भटोरी के चैन सिंह ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उनका कहना है कि समर्थन मूल्य मिलने से किसान अब जौ की खेती को लाभकारी नकदी फसल के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने पांगी की सभी 19 ग्राम पंचायतों में पिछले करीब डेढ़ वर्ष के दौरान जागरूकता शिविर आयोजित किए। इनमें किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, फसलों में रोग नियंत्रण और उत्पादन लागत कम करने के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्राकृतिक रूप से उत्पादित सेब को पहचान दिलाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर ‘पांगी एप्पल’ अंकित पेटियां भी प्रदान की जा रही हैं।प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के लिए 50, गेहूं व जौ के लिए 80, कच्ची हल्दी के लिए 150 तथा अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य दिलाकर बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और प्राकृतिक खेती को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाना है।
