चंबा के चार शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित
बाल अधिकारों, पॉक्सो अधिनियम और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक

चंबा 29 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), चंबा की ओर से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार चलाए जा रहे सप्ताहव्यापी विशेष जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत 28 अक्टूबर को जिले के चार शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और दुर्व्यवहार से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।

अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंगला में डीएलएसए के सचिव एकांश कपिल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरोल में मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट विभूति बहुगुणा, डलहौजी पब्लिक स्कूल में सिविल जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा शर्मा तथा राइजिंग स्टार पब्लिक स्कूल चंबा में सिविल जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रणव नेगी ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियां प्रदान कीं।

जागरूकता सत्रों के दौरान विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012, व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, ऑनलाइन सुरक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के बारे में बताया गया। साथ ही बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण या दुर्व्यवहार की स्थिति में बिना भय के आवाज उठाने और भरोसेमंद वयस्कों की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।अभियान के अंतर्गत ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक्स, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ और ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ विषयों पर भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने तथा ऑनलाइन शोषण से बचने के उपाय समझाए गए।

इस दौरान बच्चों को विधिक सेवा प्राधिकरणों की भूमिका, बाल-अनुकूल निःशुल्क कानूनी सहायता और नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में जानकारी दी गई। जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के रूप में पम्फलेट भी वितरित किए गए।डीएलएसए सचिव एकांश कपिल ने कहा कि बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा तंत्रों की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि वे दुर्व्यवहार के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज उठा सकें। यह अभियान 31 अक्टूबर तक जिले के निर्धारित विद्यालयों में जारी रहेगा।
