डलहौज़ी के स्वास्थ्य तंत्र पर रातों-रात हमला, वरिष्ठ डॉक्टरों के तबादले तत्काल रद्द करे सरकार :– अजय अटवाल
शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं; आम आदमी पार्टी ने चेताया ,जरूरत पड़ी तो होगा जनआंदोलन

चम्बा/ डलहौजी 25 जून चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा संयोजक अजय अटवाल ने सिविल अस्पताल डलहौज़ी से चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमित अत्री तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा अत्री के अचानक सीएचसी तकलेच (जिला शिमला) स्थानांतरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ गंभीर अन्याय बताया है।अजय अटवाल ने कहा कि पहले क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया गया और अब पहले से संघर्ष कर रही स्वास्थ्य सेवाओं पर भी कुठाराघात किया जा रहा है। सरकार के ऐसे फैसले यह संदेश देते हैं कि जनता की मूलभूत आवश्यकताओं और अधिकारों की कोई परवाह नहीं की जा रही।उन्होंने कहा कि डलहौज़ी और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएँ पहले ही सीमित संसाधनों के साथ चल रही हैं। ऐसे समय में अनुभवी चिकित्सकों का अचानक तबादला स्थानीय लोगों की परेशानियों को और बढ़ाने वाला कदम है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस जनहित में यह निर्णय लिया गया।अजय अटवाल ने स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे अपने ही क्षेत्र के स्वास्थ्य हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, तो जनता यह प्रश्न पूछने को मजबूर है कि उनकी भूमिका क्या है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है मानो क्षेत्र के हितों की अनदेखी की जा रही हो और 2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों की राजनीतिक कड़वाहट का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहे हों।उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और डलहौज़ी के विधायक पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जनता को एक मजबूत आवाज़ की आवश्यकता थी, लेकिन क्षेत्र के हितों की रक्षा के मुद्दे पर उनकी चुप्पी बेहद निराशाजनक है। जब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रभावित हो रही हों, तब निर्वाचित प्रतिनिधियों का मौन स्वीकार्य नहीं हो सकता।अजय अटवाल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी पार्टी की विचारधारा के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इन बुनियादी अधिकारों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से इन स्थानांतरण आदेशों पर पुनर्विचार कर उन्हें रद्द नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।उन्होंने अंत में राज्य सरकार से मांग की कि डलहौज़ी की जनता की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों के स्थानांतरण आदेश तत्काल वापस लिए जाएँ तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और कमजोर करने वाले निर्णयों से परहेज़ किया जाए।