राजकीय महाविद्यालय चम्बा के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान सीखा ट्राउट पालन और वन्यजीव संरक्षण का महत्व

चम्बा 18 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
राजकीय महाविद्यालय चम्बा के प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं क्षेत्रीय ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इसमें विभाग के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। भ्रमण का नेतृत्व सहायक आचार्य डॉ. मनेश तथा प्रोफेसर अविनाश पाल ने किया।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भांदल स्थित ट्राउट मत्स्य फार्म तथा गमगुल सियाहबेही वन्यप्राणी अभयारण्य क्षेत्र का दौरा किया। ट्राउट मत्स्य फार्म में मत्स्य पालन विभाग के फील्ड सहायक चन्द्रगुप्त ने विद्यार्थियों को ट्राउट मछली के पालन-पोषण, प्रजनन प्रक्रिया, हैचरी व्यवस्था, मत्स्य बीज उत्पादन, रेसवे प्रणाली तथा मछलियों के लिए उपयुक्त आहार और जल गुणवत्ता की जानकारी दी।

उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने और इसे स्वरोजगार एवं आजीविका के महत्वपूर्ण साधन के रूप में अपनाने की संभावनाओं से भी अवगत करवाया।इसके बाद विद्यार्थियों ने गमगुल सियाहबेही वन्यप्राणी अभयारण्य क्षेत्र का भ्रमण कर प्राकृतिक वन संपदा, वन्यजीवों के आवास, जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा। इस गतिविधि से विद्यार्थियों को प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का प्रत्यक्ष अध्ययन करने का अवसर मिला।भ्रमण के दौरान स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके तहत विद्यार्थियों ने राजकीय महाविद्यालय सलूणी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भांदल का दौरा किया। यहां शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक विषयों पर विचारों एवं अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। इससे विद्यार्थियों में संवाद कौशल, सहयोग और शैक्षणिक सहभागिता को बढ़ावा मिला।

भ्रमण में निखिल गौतम, पलक, हरमनप्रीत संधू, ईशा, कविता, फरहान अख्तर, स्नेहा, सलोनी, पवित्रा, साक्षी, आइशा, दामिनी, प्रीतिका, आंचल, अंशु ठाकुर, भूमिका, दृष्टि, मनीष शर्मा, मीनाक्षी, नंदिनी, रीना, सत्ताक्षी शर्मा, शुभम, विशाल भारद्वाज, यशिता, कृतिका व ज्यावंति सहित अन्य विद्यार्थी शामिल रहे।इस आयोजन में राजकीय महाविद्यालय सलूणी के प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भांदल के प्राचार्य एवं शिक्षकों तथा मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।