डलहौजी में इनकम टैक्स व विजिलेंस की छापेमारी की अफवाह फैलाने वाला ‘समाजसेवक’ चैनल फिर विवादों में, अधिकारियों ने पोस्ट को बताया पूरी तरह फर्जी

डलहौजी/चम्बा 18 नवंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
बीते कई दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सक्रिय स्वयंभू ‘समाजसेवक’ नामक चैनल एक बार फिर सुर्खियों में है। चैनल द्वारा बीती रात एक संदेश वायरल किया गया, जिसमें दावा किया गया कि डलहौजी नगर परिषद के एक अधिकारी के घर इनकम टैक्स और स्टेट विजिलेंस टीमों ने छापेमारी कर रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। इस संदेश के सार्वजनिक होते ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच के बाद स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। क्षेत्र में किसी भी तरह की छापेमारी नहीं हुई है। न ही आयकर विभाग और न ही स्टेट विजिलेंस ने डलहौजी में ऐसी किसी कार्रवाई की पुष्टि की है। दोनों विभागों ने एकमत होकर इस सोशल मीडिया पोस्ट को ‘फेक’ करार देते हुए कहा है कि उनका इस संदेश से कोई सरोकार नहीं है और न ही ऐसी कोई ऑपरेशनल गतिविधि उस क्षेत्र में हुई है।स्थानीय लोगों का मानना है कि ‘समाजसेवक’ नामक चैनल पहले भी ऐसी भ्रामक पोस्टें डालकर माहौल को व्याकुल करने की कोशिश कर चुका है।

चैनल के खिलाफ डलहौजी पुलिस थाना में तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद अब तक न तो संचालक की पहचान हो सकी है और न ही उसकी गिरफ्तारी हो पाई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चैनल को संभवतः पंजाब का कोई व्यक्ति चला रहा है, जो लगातार डलहौजी नगर परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों और कुछ स्थानीय ठेकेदारों को निशाना बना रहा है।सूत्रों के अनुसार, फर्जी सूचनाओं के जरिए किसी विशेष उद्देश्य को साधने की कोशिश की जा रही है, हालांकि इसके पीछे की मंशा अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास न करें और ऐसी अफवाहों को बढ़ावा देने से बचें।डलहौजी पुलिस ने भी कहा है कि साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही चैनल संचालक की पहचान उजागर की जाएगी।