
चम्बा जिले में बैंकिंग प्रगति की विस्तृत समीक्षा—उपायुक्त ने सीडी रेशो सुधारने व योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति पर दिया जोर
चम्बा, 18 नवंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में 17 नवंबर को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLCC) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (सितंबर 2025 तक) में बैंकिंग क्षेत्र की उपलब्धियों और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिले के सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।उपायुक्त ने बताया कि जिले के लिए वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत 1932.83 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सितंबर 2025 तक जिले ने 842.70 करोड़ रुपये की उपलब्धि दर्ज की है, जो कुल लक्ष्य का 43.60 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति सराहनीय है, लेकिन वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में और प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि 100 प्रतिशत लक्ष्य समय पर पूर्ण हो सके।बैठक में जमा-ऋण अनुपात (सीडी रेशो) में सुधार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। उपायुक्त ने भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक सहित सभी बैंकों को शाखा-स्तर पर विश्लेषण करने, कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने और मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चम्बा आकांक्षी जिला है, इसलिए नीति आयोग द्वारा निर्धारित सभी बैंकिंग संकेतकों को बेहतर करना आवश्यक है।

उन्होंने पीएमजेडीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, शिक्षा ऋण और आधार सीडिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उपायुक्त ने बताया कि पीएमएसबीवाई मात्र 20 रुपये का बीमा है, इसलिए अधिक से अधिक नागरिकों को इससे जोड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना और महिला सशक्तिकरण ऋण योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।उन्होंने सभी बैंकों को अधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा ग्रामीण व शहरी आजीविका मिशन तथा पीएम स्वनिधि जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्रायोजित ऋण मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में एलडीओ आरबीआई आशीष सांगरा ने मासिक शिविरों में डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर देने और लंबित री-केवाईसी मामलों को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” पहल के अंतर्गत अनक्लेम्ड डिपॉजिट को सही खाताधारकों तक पहुँचाने के लिए सक्रिय प्रयास करने के निर्देश दिए।डीडीएम नाबार्ड रोकेश कुमार ने कृषि ऋणों को सही श्रेणी में दर्ज करने पर जोर दिया ताकि जिले की वास्तविक कृषि स्थिति का आकलन बेहतर तरीके से किया जा सके।बैठक से पूर्व अग्रणी जिला प्रबंधक डी.सी. चौहान ने उपायुक्त का स्वागत एवं धन्यवाद किया।