चंबा में नशा मुक्त भारत अभियान व नार्को समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित

चंबा में नशा मुक्त भारत अभियान व नार्को समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित

चम्बा 23 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)

जिला मुख्यालय चंबा के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय नशा मुक्त भारत अभियान एवं जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। बैठक में जिला कार्ययोजना की प्रगति, विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों तथा आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस विभाग द्वारा संभावित ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान एवं निगरानी की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विशेष रूप से पर्यटन स्थलों डलहौजी, खज्जियार सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नशा तस्करी पर कड़ी नजर रखने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा खुफिया तंत्र को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में चल रहे नशा विरोधी जागरूकता अभियानों तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए नशा छोड़ चुके व्यक्तियों को “ड्रग चैंपियंस” के रूप में जोड़ने के निर्देश दिए।
नार्को समन्वय समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने हेतु उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी। बैठक में तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत तंबाकू विक्रेताओं के पंजीकरण, खुले में सिगरेट व बीड़ी की बिक्री पर प्रतिबंध तथा उल्लंघन पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी उपमंडलाधिकारियों को नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से आयुक्त नूतन महाजन ने बताया कि तीसरी तिमाही के दौरान 298 लाइसेंसशुदा परिसरों का निरीक्षण किया गया तथा 33 बिना लाइसेंस परिसरों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 4809.125 बल्क लीटर अवैध शराब एवं 1094 लीटर लाहन जब्त की गई, जिसमें से तिस्सा क्षेत्र में बरामद 1070 लीटर लाहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। वर्ष के दौरान अब तक 5.16 लाख रुपये की पेनल्टी वसूल की जा चुकी है। जिले में कुल 147 आबकारी वेंड संचालित हैं तथा वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी लाइसेंस शुल्क 104.52 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि नशा समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इसे समाप्त करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय, सतत निगरानी, सख्त प्रवर्तन एवं व्यापक जन-जागरूकता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि पटवारी एवं फॉरेस्ट गार्ड अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध भांग एवं अन्य नशीली गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही आम जनता से अपील की कि नशा तस्करों से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस विभाग के 112 नंबर पर साझा करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल, आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी नूतन महाजन, पुलिस उप अधीक्षक मयंक शर्मा सहित विभिन्न उपमंडलों के उपमंडल अधिकारी (ना) वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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