108 व 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ आम आदमी पार्टी चंबा ने किया समर्थन

डलहौजी/ चम्बा 28 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के कथित शोषण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने कड़ा रुख अपनाया है। आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता सोनू ठाकुर ने इन सेवाओं में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों की आउटसोर्स नीति की तीखी आलोचना की।सोनू ठाकुर ने कहा कि पिछले लगभग 15 वर्षों से आउटसोर्स व्यवस्था के चलते एम्बुलेंस कर्मचारी अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। प्रदेश में करीब 1,400 कर्मचारी 12-12 घंटे की लगातार ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी कम, मात्र 6,000 से 8,000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों के माध्यम से सेवाएं संचालित कर श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के वर्षों से लंबित बैक एरियर्स का भुगतान भी नहीं किया गया है।प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जो कर्मचारी दिन-रात जनता की जान बचाने का कार्य करते हैं, उनके साथ ऐसा अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।आम आदमी पार्टी ने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में लागू आउटसोर्स प्रथा को तुरंत समाप्त किया जाए और कर्मचारियों को स्थायी नौकरी दी जाए। साथ ही वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और पिछले 15 वर्षों के सभी लंबित एरियर्स का तत्काल भुगतान किया जाए। पार्टी ने मल्टी-टास्क वर्कर्स के शोषण पर रोक लगाने और उनके लिए स्पष्ट व ठोस नीति बनाने की भी मांग की।सोनू ठाकुर ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी एम्बुलेंस कर्मचारियों के धरने का पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। आम आदमी पार्टी ने दोहराया कि वह इस न्याय की लड़ाई में एम्बुलेंस कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।