जनहित विकास कार्यों को गति देने के लिए एफसीए मामलों पर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

चम्बा 29 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला मुख्यालय चंबा में वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) से संबंधित मामलों की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के एफसीए से जुड़े मामलों की कार्य प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा वन मंजूरी प्रक्रिया को सुचारू और त्वरित बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में वन मंजूरी के कारण अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित तथा गैर-प्राथमिकता वाले एफसीए मामलों को पोर्टल से हटाया जाए, ताकि महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर फोकस किया जा सके।

इसके अतिरिक्त वन मंडल पांगी से संबंधित मामलों को आरसी पांगी को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे इन मामलों की समीक्षा उनके स्तर पर ही संभव हो सके।उपायुक्त ने कहा कि जिला चंबा का बड़ा क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, ऐसे में लगभग हर विकास परियोजना को वन विभाग की मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण विकास कार्यों की वन मंजूरी के लिए वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। साथ ही, एफसीए पोर्टल पर ऑनलाइन जवाब देते समय संबंधित क्षेत्रों के वन मंडल अधिकारियों से आपसी संवाद अनिवार्य रूप से किया जाए।वन मंडल अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे नियमित अंतराल पर संबंधित विभागों के साथ बैठकें आयोजित करें, ताकि बार-बार आपत्तियों के कारण विकास परियोजनाएं लंबे समय तक लंबित न रहें।

बैठक में उपायुक्त ने जानकारी दी कि बडोला से लांघा संपर्क सड़क, मोटरेबल सड़क गोवाड़ी से सिंड, काहरी से रखेड़ तथा डडरियारा से चक्की संपर्क सड़क को स्टेज-1 की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वहीं ढकियारा से भरानी संपर्क सड़क और चिरचिंड–II हेप (पावर प्रोजेक्ट) को स्टेज-2 की स्वीकृति मिल चुकी है।बैठक में वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।