उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने भारत संजीवनी इनिशिएटिव के तहत वेटरनरी सेवाओं की समीक्षा की

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने भारत संजीवनी इनिशिएटिव के तहत वेटरनरी सेवाओं की समीक्षा की

चम्बा 05 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)

भारत संजीवनी इनिशिएटिव के अंतर्गत पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर उपलब्ध करवाई जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा को लेकर आज उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला में संचालित 1962 भारत संजीवनी इनिशिएटिव के माध्यम से प्रदान की जा रही वेटरनरी सेवाओं की प्रगति और प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा की गई।उपायुक्त ने मोबाइल वैन के माध्यम से दी जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसके स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।मुकेश रेपसवाल ने यह भी निर्देश दिए कि जिला के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गौसदनों में पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस सेवा का लाभ उठा सकें।बैठक में सहायक निदेशक पशुपालन डॉ. मुकुल कायस्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में चार मोबाइल वैन के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालक टोल-फ्री नंबर 1962 पर संपर्क कर आवश्यक वेटरनरी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।बैठक में भारत संजीवनी इनिशिएटिव की ओर से राज्य कार्यक्रम प्रभारी अरुणदीप कौर, डॉ. हर्षित सोनी, डॉ. चेतन नरूला, डॉ. विजय पठानिया सहित नरेंद्र ठाकुर भी उपस्थित रहे। सभी ने योजना को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

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