NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर मनीष सरीन का केंद्र सरकार पर हमला, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

डलहौजी/चंबा 13 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और कथित पेपर लीक मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं 2022 में डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने केंद्र की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।मनीष सरीन ने कहा कि लगभग 23 लाख छात्रों की मेहनत और वर्षों की तैयारी प्रशासनिक विफलताओं और भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र “गेस पेपर” के नाम पर लाखों रुपये में बेचे गए, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के बावजूद छात्रों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2024 में UGC-NET परीक्षा को भी पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द करना पड़ा था। इसके अलावा SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी बार-बार गड़बड़ियों के मामले सामने आते रहे हैं। सरीन ने हिमाचल प्रदेश में हुए भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा था, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।मनीष सरीन ने मांग की कि NTA की कार्यप्रणाली की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए, परीक्षा प्रणाली का डिजिटलीकरण और सुरक्षा ऑडिट हो, तथा दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने छात्रों को मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए राहत देने की भी मांग उठाई।अंत में उन्होंने कहा कि यदि युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का विकास भी प्रभावित होगा।